- हमारे बारे में
गर्भशिक्षा के बारे में
गर्भशिक्षा होने वाली माँओं के लिए एक मुफ़्त वेबसाइट है। यहाँ हर दिन पंद्रह मिनट का सुकून भरा गर्भ संस्कार मिलता है, आपकी गर्भावस्था के सप्ताह के हिसाब से — जपने के लिए एक श्लोक, एक हल्की-सी पहेली या जोड़ी मिलाओ खेल, शिशु को पढ़कर सुनाने के लिए एक कहानी और एक लोरी। इसके अलावा अर्थ सहित पारंपरिक श्लोक भी हैं, हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में। इस पेज पर आप जानेंगी कि हमने गर्भशिक्षा क्यों बनाई, हम इसे कैसे तैयार करते हैं और हमसे कैसे संपर्क करें।
हमने गर्भशिक्षा क्यों बनाई
गर्भावस्था में बहुत कुछ एक साथ चलता है — हर किसी की सलाह, चेकअप, टेस्ट और कामों की लंबी लिस्ट। हम कुछ ऐसा बनाना चाहते थे जो आप पर बोझ न बने: हर दिन बस पंद्रह मिनट का सुकून, सिर्फ़ आपके और आपके शिशु के लिए।
गर्भ संस्कार हमारी पुरानी परंपरा है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान माँ के मन का ख़याल रखा जाता है — प्रार्थनाओं, कहानियों, संगीत और प्यार भरी बातों से। आज भी बहुत-से परिवार इसे दिल से मानते हैं। हम चाहते थे कि इसकी मिठास बनी रहे, बड़े-बड़े वादे न हों, और यह इतना आसान हो कि व्यस्त से व्यस्त दिन में भी हो जाए।
इसीलिए गर्भशिक्षा आपको हर दिन कुछ छोटी-छोटी गतिविधियाँ देती है, आपकी गर्भावस्था के सप्ताह के हिसाब से। और जब कुछ और करने का मन हो, तो श्लोक संग्रह में हर पड़ाव के लिए श्लोक मिलेंगे — संतान की कामना से लेकर नवजात शिशु के स्वागत तक। गर्भशिक्षा मुफ़्त है, और आप कोई भी खेल बिना साइन अप किए खेल सकती हैं।
गर्भशिक्षा क्या है, और क्या नहीं
गर्भशिक्षा क्या है: रोज़ का एक छोटा-सा, सुकून भरा नियम। पैटर्न पहेलियाँ और जोड़ी मिलाओ खेल, जिनसे मन थोड़ा ठहरे; गर्भशिक्षा के लिए लिखी गई कहानियाँ, जिन्हें आप शिशु को पढ़कर सुना सकती हैं; और 10 विषयों में बँटे 126 पारंपरिक श्लोक — हर श्लोक के साथ उसका स्रोत, उसका अर्थ और “सच कहें तो” वाला एक छोटा नोट।
गर्भशिक्षा क्या नहीं है: डॉक्टरी सलाह। हम डॉक्टर नहीं हैं, और यहाँ दी गई कोई भी बात बीमारी की पहचान या इलाज नहीं है। गर्भशिक्षा आपके चेकअप, स्कैन, टेस्ट या दवाइयों की जगह नहीं ले सकती। यह न आपके शिशु की सेहत, बुद्धि या रंग-रूप को लेकर कोई वादा करती है, न इस बारे में कि आपकी डिलीवरी कैसी होगी।
गर्भ संस्कार एक सांस्कृतिक और भावनात्मक परंपरा है, जो अच्छी डॉक्टरी देखभाल के साथ-साथ चल सकती है, पर उसकी जगह कभी नहीं ले सकती। हमारी ज़रूरी सूचना ज़रूर पढ़ें, और हमेशा अपने डॉक्टर या नर्स की सलाह मानें।
हम गर्भशिक्षा कैसे तैयार करते हैं
गर्भशिक्षा पर जो कुछ भी है, वह कुछ सीधे-सादे नियमों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ये रहे वे नियम, ताकि आपको ठीक-ठीक पता रहे कि आप क्या पढ़ रही हैं।
हमारे श्लोक कहाँ से लिए गए हैं
हमारे श्लोक कई ग्रंथों और परंपराओं से लिए गए हैं। सबसे पुराने श्लोक ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद, उपनिषदों और गृह्यसूत्रों से हैं। गृह्यसूत्रों में सीमंतोन्नयन (गोद भराई) जैसे घर-परिवार के पुराने संस्कारों का वर्णन मिलता है। बहुत-से श्लोक भगवद्गीता और दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) से हैं। कुछ भागवत पुराण से हैं, कुछ आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रंथ चरक संहिता से, कुछ मधुराष्टकम् और गर्भरक्षाम्बिका स्तोत्र जैसे लोकप्रिय स्तोत्रों से, और कुछ अवधी में — रामचरितमानस और हनुमान चालीसा से। कुछ ऐसी पारंपरिक प्रार्थनाएँ भी हैं, जो पीढ़ियों से घरों और मंदिरों में पढ़ी जाती रही हैं।
हमने वे श्लोक चुने जो गर्भावस्था की किसी ज़रूरत से जुड़ते हैं — मन की शांति, नींद, पोषण, प्रसव के लिए हिम्मत या शिशु का स्वागत — और उन्हें 10 विषयों में बाँटा, ज़्यादातर गर्भावस्था के पड़ाव के हिसाब से। हर श्लोक के नीचे उसका स्रोत लिखा है, और जहाँ पता है, वहाँ अध्याय और श्लोक संख्या भी। जहाँ अलग-अलग संस्करणों में श्लोक संख्या अलग मिलती है, वहाँ यह भी लिख देते हैं। और जहाँ स्रोत पक्के तौर पर पता नहीं है, वहाँ अंदाज़ा लगाने के बजाय यही साफ़-साफ़ लिख देते हैं।
सरल हिंदी में अर्थ
हर श्लोक के साथ उसका छोटा और आसान अर्थ दिया गया है, ताकि आपको पता रहे कि आप क्या बोल रही हैं। हम उतना ही लिखते हैं, जितना श्लोक में कहा गया है। जहाँ हम अपनी ओर से कोई भाव जोड़ते हैं — जैसे किसी पुरानी प्रार्थना में जन्म की छवि देखना — वहाँ साफ़ लिख देते हैं कि यह हमारी अपनी व्याख्या है, शास्त्रीय अर्थ नहीं।
हर श्लोक के साथ यह भी लिखा है कि हमने उसे क्यों चुना, उससे क्या मिल सकता है, उसे कब और कैसे जपें, और कौन जप सकता है।
हर श्लोक हर संतान के लिए
कुछ पुराने ग्रंथों में बेटे की कामना की गई है। ऐसी पंक्तियाँ हमने छोड़ दी हैं। जहाँ किसी श्लोक में ‘पुत्र’ या ‘तनय’ जैसा शब्द आता है, वहाँ हम उसे ‘संतान’ के अर्थ में पढ़ते हैं। गर्भशिक्षा का हर श्लोक हर संतान के लिए है — बेटा हो या बेटी।
भारत में पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 के तहत जन्म से पहले शिशु का लिंग पता करना या करवाना ग़ैर-क़ानूनी है। हर संतान एक आशीर्वाद है।
हर श्लोक के साथ एक सच्ची बात
हर श्लोक के साथ “सच कहें तो” नाम का एक छोटा नोट है, जो साफ़-साफ़ बताता है कि वह श्लोक क्या कर सकता है और क्या नहीं। जैसे: “इससे मन कुछ शांत हो सकता है। यह जी मिचलाने का इलाज नहीं है। बहुत ज़्यादा उल्टी हो, तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।” जो वादा हम निभा न सकें, वह करने से अच्छा है कि आपको सच बता दें।
हमारी गतिविधियों पर भी यही नियम लागू होता है। पहेलियाँ, जोड़ी मिलाओ खेल और कहानियाँ इसलिए हैं कि आप आराम कर सकें और शिशु के साथ कुछ शांत पल बिता सकें। हम यह दावा नहीं करते कि इनसे शिशु ज़्यादा होशियार या सेहतमंद बनता है।
जब किसी नोट में शोध की बात आती है, तो हमारी कोशिश रहती है कि आसान शब्दों में बस उतना ही लिखें, जितना शोध में सच में पाया गया, और उसे बढ़ा-चढ़ाकर वादा न बनाएँ। अगर आपको लगे कि कोई नोट शोध से आगे की बात कह रहा है, तो हमें ज़रूर बताएँ।
सबसे पहले डॉक्टर की सलाह
हम डॉक्टरी सलाह नहीं देते, और सेहत को लेकर कोई वादा नहीं करते। हर पेज पर यह याद दिलाया गया है कि अपने डॉक्टर की सलाह मानें। जी मिचलाने, ख़ून आने या प्रसव से जुड़े नोट में भी साफ़ लिखा है कि सबसे पहले अपने डॉक्टर या नर्स की बात मानें।
आराम से जपें और साँस सामान्य ढंग से लेती रहें। साँस न रोकें, न ही ज़ोर लगाकर साँस लें-छोड़ें, और चक्कर आए या साँस फूलने लगे, तो रुक जाएँ। अगर आपकी गर्भावस्था हाई-रिस्क है, तो कोई भी प्राणायाम या साँस का अभ्यास शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।
कुछ भी ठीक न लगे, तो तुरंत अपने डॉक्टर को फ़ोन करें या अस्पताल जाएँ। किन परेशानियों में बिल्कुल देर नहीं करनी चाहिए, यह हमारी ज़रूरी सूचना में लिखा है।
श्लोकों के पाठ की जाँच अभी बाक़ी है
संस्कृत श्लोक अलग-अलग किताबों में थोड़े अलग छपे मिलते हैं, और एक छोटी-सी चूक से शब्द बदल सकता है। अभी तक किसी संस्कृत विद्वान ने हमारे श्लोकों के पाठ की जाँच नहीं की है। जिन श्लोकों को इस जाँच की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, उनके साथ पेज पर यह बात लिखी है, ताकि आप उन्हें ध्यान से पढ़ें।
किसी संस्कृत विद्वान की जाँच के बाद जो भी ठीक करना होगा, हम ठीक करके इस पेज पर बता देंगे। अगर आप इनमें से कोई श्लोक अच्छी तरह जानती हैं और आपको कोई फ़र्क़ दिखे, तो हमें s.shailesh1995@gmail.com पर ज़रूर बताएँ।
कोई ग़लती दिखी?
हमें ज़रूर बताइए। s.shailesh1995@gmail.com पर लिखिए कि किस पेज पर क्या ग़लत लग रहा है — श्लोक, उसका अर्थ, अनुवाद या कुछ और। हम उसे देखेंगे, और अगर ग़लती हमारी है, तो पेज ठीक कर देंगे।
हमसे कैसे संपर्क करें
कोई सवाल, सुझाव या अपनी राय हो, तो s.shailesh1995@gmail.com पर लिखिए। आप गर्भशिक्षा का इस्तेमाल कैसे करती हैं, और इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है — यह जानकर हमें बहुत ख़ुशी होगी।
अगर आपको अपनी जानकारी की कॉपी चाहिए, या अपना अकाउंट डिलीट करवाना है, तो इसी पते पर लिखिए। हम आपकी जानकारी कैसे सँभालते हैं, यह हमारी प्राइवेसी पॉलिसी में लिखा है।
हम ईमेल पर डॉक्टरी सवालों के जवाब नहीं दे सकते। अपनी या शिशु की सेहत से जुड़ी हर बात अपने डॉक्टर या नर्स से पूछें। और अगर कुछ भी ठीक न लगे, तो हमारे जवाब का इंतज़ार न करें — तुरंत डॉक्टर को फ़ोन करें या अस्पताल जाएँ।