कहानियाँ
गर्भ संस्कार की कहानियाँ अपने शिशु को पढ़कर सुनाइए।
गर्भ संस्कार की पुरानी कथाएँ, प्यारी-सी लोककथाएँ और गर्भशिक्षा के लिए बनी नई कहानियाँ। हर कहानी बस पाँच मिनट के सुकून में पूरी हो जाती है, और दूसरी तिमाही से आपकी आवाज़ शिशु तक पहुँचने लगती है।
शुरुआत इस कहानी से
लगभग 3 मिनट
गणेश जी और माँ-पापा की परिक्रमा
गणेश जी बताते हैं कि माँ-पापा ही उनकी पूरी दुनिया हैं।
संस्कार: प्यार
कथा: सुनाने वाली कहानियाँ
पुरानी कथाएँ नए शब्दों में, सच्ची कहानियाँ और नई कहानियाँ — हर एक में छोटी-सी सीख।
- 5वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
गणेश जी और माँ-पापा की परिक्रमा
गणेश जी बताते हैं कि माँ-पापा ही उनकी पूरी दुनिया हैं।
- छठा सप्ताह
- 7वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
गिलहरी और राम सेतु
नन्ही गिलहरी रेत के दानों से राम जी का पुल बनाने में मदद करती है।
- 8वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
कछुआ, जो कभी देर से नहीं पहुँचा
एक धीमा, शांत कछुआ जंगल के तीन मेलों में ठीक समय पर पहुँचता है।
- 9वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
ध्रुव तारा कैसे बना
नन्हे ध्रुव की कहानी, जिसके धीरज और लगन ने उसे आसमान का अटल ध्रुव तारा बना दिया।
- 10वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
कान्हा के मुँह में पूरी दुनिया
यशोदा माँ नन्हे कान्हा के मुँह में पूरा आसमान देखती हैं।
- 11वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
बीरबल ने गिने कौवे
बादशाह अकबर बीरबल से पूछते हैं कि शहर में कितने कौवे हैं।
- 12वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
धरती से भी भारी कौन?
एक शांत झील के किनारे, एक प्यारी आवाज़ युधिष्ठिर से चार पहेलियाँ पूछती है।
- 13वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
अंजना माँ और पवन का तोहफ़ा
अंजना माँ शांत मन से प्रार्थना करती हैं, और हवा उनके लिए आशीर्वाद लाती है।
- 14वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
चीकू की खोज
नन्ही गौरैया चीकू को बगीचे के एक अनदेखे, छाँव वाले कोने में छिपा ख़ज़ाना मिलता है।
- 15वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
रानी त्रिशला के सुंदर सपने
रानी त्रिशला सुंदर सपने देखती हैं और खुशी से जागती हैं।
- 16वाँ सप्ताह
सच्ची कहानी · 3 मिनट
अख़बार बाँटने वाला कलाम
नन्हा अब्दुल कलाम सुबह-सुबह अख़बार बाँटता है और उड़ने के सपने देखता है।
- 18वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
भक्त प्रह्लाद का अटूट विश्वास
भक्त प्रह्लाद की कहानी, कोमल अंदाज़ में — कैसे नन्हा प्रह्लाद अपने विश्वास के सहारे शांत और निडर रहा।
- 19वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
तेनाली राम और चोर
समझदार तेनाली दो चोरों से सारी रात अपने सूखे बगीचे में पानी डलवाते हैं।
- 20वाँ सप्ताह
सच्ची कहानी · 3 मिनट
सावित्रीबाई की स्लेट
सावित्रीबाई फुले पढ़ना सीखती हैं और पुणे में लड़कियों के लिए स्कूल खोलती हैं।
- 21वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
गार्गी के बड़े सवाल
राजा जनक की सभा में ज्ञानी गार्गी दुनिया के बारे में बड़े-बड़े सवाल पूछती हैं।
- 22वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
अभिमन्यु और चक्रव्यूह
अभिमन्यु की जानी-मानी कहानी, नए और कोमल अंदाज़ में — रात को सुनाई गई चक्रव्यूह की वह बात, जो बीच में ही रुक गई।
- 26वाँ सप्ताह
सच्ची कहानी · 3 मिनट
चिपको: पेड़ों को गले लगाने वाली औरतें
गौरा देवी और रेणी गाँव की औरतें पेड़ों को गले लगाकर अपना जंगल बचाती हैं।
- 27वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
हनुमान जी को याद आई अपनी ताकत
जामवंत जी हनुमान जी को ताकत याद दिलाते हैं, और वो समुद्र लाँघ जाते हैं।
- 30वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
कान्हा ने उठाया गोवर्धन
तेज़ बारिश में कान्हा पहाड़ उठाकर सबको सूखा और सुरक्षित रखते हैं।
- 32वाँ सप्ताह
सच्ची कहानी · 3 मिनट
समंदर किनारे का चर्च
समंदर किनारे एक गाँव ने अपना चर्च बाँटा, और भारत का पहला रॉकेट उड़ा।
- 33वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
शबरी के मीठे बेर
शबरी खुशी-खुशी सालों इंतज़ार करती हैं, राम जी के लिए सबसे मीठे बेर रखती हैं।
- 35वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
अर्जुन के काँपते हाथ
एक बहुत बड़े दिन से पहले, कृष्ण अपने दोस्त अर्जुन का मन शांत करते हैं।
- 36वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
यशोदा माँ की रस्सी
यशोदा माँ की रस्सी दो उँगल छोटी पड़ती रही, फिर प्यार ने कान्हा को बाँधा।
- 39वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
गंगा माँ धीरे से उतरीं
भगीरथ की लंबी प्रार्थना के बाद, शिव जी गंगा माँ को धीरे से उतारते हैं।
गर्भ संवाद: शिशु से बातें
शिशु से कहने के लिए चिट्ठियाँ और परिवार की बातें, और पापा के सुनाने लायक कहानियाँ।
- 5वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
हेलो, नन्ही जान
माँ के अपनी नन्ही जान से पहले प्यार भरे शब्द: तुम्हारा यहाँ स्वागत है।
- छठा सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
हमारा सबसे मीठा राज़
दुनिया को बताने से पहले, माँ अपने मन की खुशी नन्ही जान से बाँटती है।
- 7वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
आराम करना भी ठीक है
थकान भरा दिन, और अपनों की प्यारी सीख: नई ज़िंदगी पालना भी असली काम है।
- 8वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा
वो पल, जब माँ को पहली बार लगा कि नन्ही जान सच में है।
- 9वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
पापा की पहली बात
शर्मीले पापा पहली बार नन्ही जान से बात करते हैं और शब्द ढूँढ लेते हैं।
- 10वाँ सप्ताह
- 11वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
मेरी उम्मीदें, तुम्हारे लिए
नन्ही जान के लिए माँ की सीधी-सादी उम्मीदें: नरम दिल, सवालों भरा मन और मुस्कान।
- 12वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
पहला पड़ाव पूरा हुआ
बारह हफ़्ते पर माँ याद करती है: थके दिन, छोटी खुशियाँ और आगे की उम्मीद।
- 14वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
मिलो अपने दादा-दादी, नाना-नानी से
माँ नन्ही जान को परिवार के बड़ों से मिलवाती है, जो राह देख रहे हैं।
- 15वाँ सप्ताह
- 17वाँ सप्ताह
- 20वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
आधा सफ़र पूरा
आधे सफ़र पर, एक माँ अपनी छोटी-छोटी उम्मीदें अपनी नन्ही जान से बाँटती है।
- 21वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
नीला सियार
नीला सियार राजा बनने का नाटक करता है, पर उसकी हुआँ-हुआँ सच बता देती है।
- 22वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
तुम्हारी दुनिया की आवाज़ें
एक माँ अपनी नन्ही जान को अंदर की हल्की-हल्की आवाज़ों के बारे में बताती है।
- 23वाँ सप्ताह
पुरानी कथा, नए शब्दों में · 3 मिनट
कृष्ण और सुदामा
गरीब सुदामा दोस्त कृष्ण से मिलने आते हैं, कृष्ण नंगे पाँव दौड़कर गले लगाते हैं।
- 24वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
तुम्हारे नाम की कहानी
माँ अपनी नन्ही जान को परिवार की लिस्ट के नाम और मतलब बताती है।
- 25वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
दबे पाँव चलने वाला हाथी
बड़ा हाथी सोती नन्ही चुहिया के पास से दबे पाँव निकलने की कोशिश करता है।
- 26वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
तुम्हारा इंतज़ार करते त्योहार
माँ नन्ही जान को घर के त्योहारों, रोशनी, रंगों और मिठाइयों की बातें बताती है।
- 27वाँ सप्ताह
- 29वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
भैया-दीदी तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं
भैया या दीदी नई नन्ही जान के लिए अपने वादे और अपनी ख्वाहिशें बाँटते हैं।
- 30वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
पापा ने पैक किया बैग
पापा अस्पताल का बैग ठसाठस भरते हैं, मम्मा प्यार से उसे ठीक करती हैं।
- 31वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
चार बातें जो मैं तुम्हें सिखाऊँगी
एक माँ चार तोहफ़ों का वादा करती है: दया, सच्चाई, जानने की ललक और खुशी।
- 32वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
सबसे सुंदर बच्चा
समझदार राजा सबसे सुंदर बच्चा ढूँढते हैं, और हर माँ अपनी नन्ही जान लाती है।
- 36वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
पापा का वादा
पापा नन्ही जान के लिए अपने वादे लिखते हैं: सुनना, खेलना, और सुरक्षित रखना।
- 38वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
सबसे पहले तुम्हें गोद में कौन लेगा?
पूरा परिवार प्यार से, ज़ोर-ज़ोर से बहस करता है: पहले गोद में कौन लेगा?
- 39वाँ सप्ताह
- 40वाँ सप्ताह
गर्भ संवाद · 2 मिनट
वो कहानी, जो हम फिर पढ़ेंगे
माँ का वादा: अपनी ख़ास कहानी वो फिर पढ़ेगी, नन्ही जान को गोद में लेकर।
शांति: सुकून भरी कहानियाँ
धीमी, मन को शांत करने वाली कहानियाँ और लोरियाँ — सुकून भरी शामों के लिए।
- 5वाँ सप्ताह
नई कहानी · 2 मिनट
बीज और मिट्टी
नन्हा बीज गरम, अँधेरी मिट्टी में आराम करता है, फिर पहली पत्ती निकलती है।
- छठा सप्ताह
नई कहानी · 2 मिनट
धीरे-धीरे चलने वाला चाँद
चाँद धीरे-धीरे गाँव के ऊपर से गुज़रता है, हर छत को शुभ रात्रि कहता है।
- 7वाँ सप्ताह
- 8वाँ सप्ताह
- 9वाँ सप्ताह
- 10वाँ सप्ताह
- 11वाँ सप्ताह
- 12वाँ सप्ताह
- 13वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
पहाड़ों वाली रात की ट्रेन
रात की स्लीपर ट्रेन हमें धीरे-धीरे झुलाते हुए ठंडे, हरे पहाड़ों तक ले जाती है।
- 14वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
मेरे अंदर का बगीचा
माँ अपने अंदर एक बगीचे की कल्पना करती है, जहाँ नन्हा फूल बढ़ रहा है।
- 15वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
आम के बाग़ में जुगनू
गर्मी की रात में, जुगनू एक-एक करके आम के बाग़ को रोशन करते हैं।
- 16वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
केरल की हाउसबोट
धीमी हाउसबोट ढलते सूरज में नारियल के पेड़ों और शांत गाँवों के बीच बहती है।
- 17वाँ सप्ताह
- 18वाँ सप्ताह
- 19वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
बारिश के बाद इंद्रधनुष
कई दिनों की बारिश के बाद इंद्रधनुष निकलता है, पूरा गाँव बाहर आ जाता है।
- 21वाँ सप्ताह
- 22वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
चाय के बागानों पर धुंध
सुबह की ठंडी धुंध चाय के बागानों की हरी कतारों पर धीरे-धीरे छा जाती है।
- 23वाँ सप्ताह
- 24वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
छत पर तारे गिनना
ठंडी छत पर लेटकर हम तारे गिनते हैं, और शहर धीरे-धीरे चुप हो जाता है।
- 25वाँ सप्ताह
नई कहानी · 3 मिनट
जैसलमेर की रेगिस्तानी रात
जैसलमेर के रेगिस्तान की एक धीमी, ठंडी रात, तारों भरे आसमान के नीचे।
- 26वाँ सप्ताह
- 27वाँ सप्ताह
- 28वाँ सप्ताह
नई कहानी · 2 मिनट
नन्हा तारा मेरी आवाज़ पहचानता है
नन्हा तारा रोज़ रात एक ही गीत सुनता है, और उसे याद कर लेता है।
- 29वाँ सप्ताह
- 30वाँ सप्ताह
- 31वाँ सप्ताह
- 32वाँ सप्ताह
कुछ खेलने का मन है? पहेलियाँ और जोड़ी मिलाओ खेल आज़माइए।
यहाँ हर कहानी प्यार से, शांति से ख़त्म होती है। डराने वाले या दुखी अंत हम नहीं रखते, और पुरानी कथाएँ आसान शब्दों में सुनाते हैं।
"सच्ची कहानी" वाली कहानियों को छोड़कर हमारी सारी कहानियाँ काल्पनिक हैं, और एआई की मदद से लिखी गई हैं। गर्भशिक्षा मन के सुकून और शिशु से जुड़ाव के लिए है, डॉक्टरी सलाह नहीं। ज़रूरी सूचना पढ़ें