गर्भ संवाद: शिशु से बातें
मिलो अपने दादा-दादी, नाना-नानी से
गर्भ संवाद · लगभग 2 मिनट · 14वाँ सप्ताह
माँ नन्ही जान को परिवार के बड़ों से मिलवाती है, जो राह देख रहे हैं।
हेलो, नन्ही जान। मैं मम्मा हूँ। आज तुम्हारे लिए एक कहानी है।
आज रात मैं तुम्हें कुछ बहुत ख़ास लोगों से मिलवाना चाहती हूँ। ये हमारे परिवार के बड़े हैं। ये सब तुम्हें अभी से बहुत प्यार करते हैं।
[नाम], तुम्हारी [दादी / नानी] या तुम्हारे [दादा / नाना]। उन्हें [उनकी पसंद की एक चीज़] बहुत पसंद है। उनका हर फ़ोन तुम्हारी बात से ही शुरू होता है। "आज नन्ही जान का क्या हाल है?"
[नाम], तुम्हारी [दादी / नानी] या तुम्हारे [दादा / नाना]। उन्हें [उनकी पसंद की एक चीज़] बहुत पसंद है। उन्होंने अपनी सबसे अच्छी कहानियाँ बस तुम्हारे लिए बचाकर रखी हैं।
सब तुम्हारे आने के दिन गिन रहे हैं।
[नाम], तुम्हारी [दादी / नानी] या तुम्हारे [दादा / नाना]। उन्हें [उनकी पसंद की एक चीज़] बहुत पसंद है। उनकी गोद तुम्हारी राह देख रही है। तुम्हें पहली बार चाँद दिखाने का भी उनका बड़ा मन है।
प्यार दूर से भी आता है। दूसरे शहरों में रहने वाले अपनों से। और उनसे भी, जिन्हें हम अपने दिल में सँभालकर रखते हैं। वो सारा प्यार भी तुम्हें घेरे हुए है।
सब तुम्हारे आने के दिन गिन रहे हैं।
बड़े-बड़े दिल। प्यार भरी गोदें, तुम्हें थामने को तैयार। तुम्हारे आने पर तुम्हारे चारों ओर कितनी सारी बाँहें होंगी। कितनी खुश आवाज़ें होंगी। सारा दिन एक झप्पी से दूसरी झप्पी तक।
बाहर शाम के पंछी अपने पेड़ों की ओर लौट रहे हैं। चीं, चीं। उन्हीं की तरह, हम सब भी तुम्हारे घर आने की राह देख रहे हैं।
सब तुम्हारे आने के दिन गिन रहे हैं। कितने सारे लोग तुम्हारे आने के दिन गिन रहे हैं। और मैं भी।
“बहुत से लोग मिलकर एक परिवार बनते हैं।”
गर्भ संवाद
कितने सारे लोग तुम्हारे आने के दिन गिन रहे हैं। पास हों या दूर, हर दिल तुम्हारी राह देख रहा है। प्यार से भरा एक पूरा परिवार तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है।
इसे धीरे-धीरे बोलकर सुनाइए, चाहें तो अपने शब्दों में।
मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, नन्ही जान। तुम सुरक्षित हो। हम साथ हैं।
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