मन शांत करने का सबसे सरल जप
ॐ, पहली ध्वनि
माण्डूक्य उपनिषद् 1
अर्थ
ॐ ही यह सारा जगत है।
हमने यह श्लोक क्यों चुना
ॐ सबसे सरल जप है। धीमी आवाज़ में लंबा ‘ओ…म्’ साँस छोड़ने का समय बढ़ा देता है, और देर तक साँस छोड़ने से बहुत-से लोगों को आराम महसूस होता है।
इससे क्या मिल सकता है
कुछ ही बार जपने में बहुत-से लोगों का मन शांत होने लगता है। धीमी आवाज़ में जपिए, इसे लंबा खींचने के लिए कभी ज़ोर न लगाइए, और जब भी ज़रूरत हो, साँस ले लीजिए।
- सबसे अच्छा समय
- सुबह जागते ही, या जब भी मन बेचैन हो
- जपने का तरीका
- धीमे स्वर में 7–11 बार “ॐ” का जप करें; हर बार के बीच साँस को अपने-आप चलने दें
- कौन जप सकता है
- माँ; थकान वाले दिनों में परिवार पढ़कर सुना सकता है
- सबसे सही सप्ताह
- 4–13 सप्ताह
सच कहें तोइससे मन कुछ शांत हो सकता है। यह जी मिचलाने का इलाज नहीं है। बहुत ज़्यादा उल्टी हो, तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
विषय: पहली तिमाही में राहत