थकान भरे दिनों में मन की ताक़त
मुझे बल, बुद्धि और विद्या दीजिए
हनुमान चालीसा, शुरुआत का दोहा 2 · अवधी
अर्थ
अपनी बुद्धि को कमज़ोर जानकर मैं पवनपुत्र हनुमान को याद करती हूँ। मुझे बल, बुद्धि और विद्या दीजिए, और मेरे कष्ट दूर कीजिए।
हमने यह श्लोक क्यों चुना
शुरुआती हफ़्तों की थकान में यह मन की ताक़त के लिए एक विनम्र प्रार्थना है।
इससे क्या मिल सकता है
मन थोड़ा हल्का होता है और सहारा मिलने का एहसास होता है।
- सबसे अच्छा समय
- सुबह जागते ही, या जब भी मन बेचैन हो
- जपने का तरीका
- एक श्लोक, 3–11 बार। 5 मिनट का छोटा-सा अभ्यास काफ़ी है
- कौन जप सकता है
- माँ; थकान वाले दिनों में परिवार पढ़कर सुना सकता है
- सबसे सही सप्ताह
- 4–13 सप्ताह
सच कहें तोइससे मन कुछ शांत हो सकता है। यह जी मिचलाने का इलाज नहीं है। बहुत ज़्यादा उल्टी हो, तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
विषय: पहली तिमाही में राहत