English 

तिमाही दर तिमाही

गर्भ संस्कार कब शुरू करें? कभी देर नहीं होती

6वाँ हफ़्ता हो या 36वाँ, गर्भ संस्कार किसी भी तिमाही में शुरू कर सकती हैं। जानिए हर दौर में क्या करें और आज 5 मिनट से कैसे शुरुआत करें।

गर्भशिक्षा की ओर से · · · पढ़ने में 5 मिनट

व्हाट्सएप

मीरा 26 हफ़्ते की गर्भवती थी, जब उसने पहली बार 'गर्भ संस्कार' शब्द सुना।

वह लंदन में एक गोदभराई में गई थी। एक सहेली ने बताया कि उसने छठे हफ़्ते से शुरू किया था। दूसरी बोली कि उसकी माँ ने तो गर्भ ठहरने से पहले ही शुरू कर दिया था।

मीरा मुस्कुराई और सिर हिला दिया। पर घर लौटते हुए उसके मन में एक ही बात घूमती रही — कहीं मुझसे देर तो नहीं हो गई?

उस रात उसने खोजा: गर्भ संस्कार कब शुरू करें? अगर आप भी यही सोच रही हैं, तो छोटा-सा जवाब यह है:

गर्भ संस्कार आप गर्भावस्था के किसी भी हफ़्ते में शुरू कर सकती हैं। आज का दिन भी शुरुआत के लिए अच्छा है।

अब इसे आराम से, एक-एक दौर करके समझते हैं।

गर्भ संस्कार कब शुरू करना चाहिए?

गर्भ संस्कार का मतलब है गर्भावस्था में अपने शिशु के साथ प्यार और सुकून से थोड़ा समय बिताना। आप पढ़ती हैं, गाती हैं, संगीत सुनती हैं, प्रार्थना करती हैं या शिशु से बातें करती हैं।

क्योंकि यह सुकून और जुड़ाव की बात है, इसकी कोई आख़िरी तारीख़ नहीं। कुछ परिवार जल्दी शुरू करते हैं। कुछ बीच में, और कुछ आख़िरी महीनों में। सब ठीक है।

बहुत-सी माँएँ यही पूछती हैं — गर्भ संस्कार कब शुरू करें? जवाब सीधा है: जब आप तैयार हों।

क्या गर्भ ठहरने से पहले शुरू कर सकते हैं?

कुछ परिवार बच्चे की योजना बनाते समय ही शुरू कर देते हैं। वे पहले से अच्छी आदतें डालते हैं — जैसे पढ़ना, धीमा संगीत या रोज़ कुछ शांत पल। गर्भधारण से पहले के लिए श्लोक भी हैं।

यह अच्छी सोच है, पर ज़रूरी नहीं। अगर आप गर्भवती हैं, तो आपसे कुछ नहीं छूटा।

पहली तिमाही (1 से 12 हफ़्ते)

शुरू के महीने भारी लग सकते हैं। ज़्यादातर माँएँ थकी रहती हैं, और कुछ दिन तो बस काम निपटा लेना ही बहुत होता है। इसलिए छोटे से शुरू कीजिए:

  • सोने से पहले दो मिनट धीमा संगीत
  • एक डायरी में शुक्रिया की एक लाइन
  • सिर्फ़ अपने लिए एक छोटी, ख़ुशनुमा कहानी

इस दौर में सबसे ज़रूरी है आपका सुकून। यह एक सुंदर शुरुआत है। कोई श्लोक चाहिए, तो पहली तिमाही के श्लोक देखिए।

दूसरी तिमाही (13 से 26 हफ़्ते)

इस समय ज़्यादातर माँओं में थोड़ी ताक़त लौट आती है। इसे रोज़ की आदत बनाने का यह अच्छा समय है।

एक प्यारी बात: बच्चों के डॉक्टरों की अमेरिकी संस्था, अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स, के अनुसार लगभग 18वें हफ़्ते से शिशु आपके शरीर के अंदर की आवाज़ें, जैसे दिल की धड़कन, सुनने लगता है। तो अब अपनी आवाज़ का इस्तेमाल शुरू कीजिए:

  • सुबह शिशु को गुड मॉर्निंग कहिए
  • कोई छोटी कहानी पढ़कर सुनाइए
  • एक गाना चुनिए और उसे शिशु का गाना बना दीजिए

तैयार कहानियाँ चाहिए, तो हमारी कहानियाँ तिमाही के हिसाब से छाँटी हुई हैं।

तीसरी तिमाही (27 से 40 हफ़्ते)

मीरा इसी दौर में थी। और ज़्यादातर माँएँ यहीं सोचती हैं कि अब देर हो गई।

देर नहीं हुई। लगभग 27 से 29 हफ़्ते तक शिशु बाहर की कुछ आवाज़ें भी सुनने लगता है — जैसे आपकी आवाज़।

अमेरिका की फ़्लोरिडा यूनिवर्सिटी की 2014 की एक रिसर्च में माँओं ने 28वें से 34वें हफ़्ते तक रोज़ दो बार एक ही छोटी कविता बोली। 38वें हफ़्ते में भी उस कविता पर शिशुओं की धड़कन में बदलाव दिखा। इससे आगे चलकर कुछ सीखने का फ़ायदा साबित नहीं होता, पर इतना ज़रूर लगता है कि आख़िरी महीने आपकी आवाज़ को जाना-पहचाना बनाने का प्यारा समय हैं।

तीसरी तिमाही में यह आज़माइए:

  • हर शाम एक कहानी पढ़कर सुनाइए
  • अर्थ के साथ एक शांत श्लोक जपिए या सुनिए — शुरुआत के लिए तीसरी तिमाही के श्लोक देखिए
  • हफ़्ते में एक बार शिशु के नाम एक छोटी-सी चिट्ठी लिखिए

क्या आठवें या नौवें महीने में देर हो चुकी है?

नहीं। बिल्कुल नहीं।

36वें हफ़्ते के पाँच शांत मिनट भी पाँच शांत मिनट ही हैं। वे आपको ठहरने में मदद करते हैं, और शिशु तब भी आपकी आवाज़ सुनता है।

बहुत-से माता-पिता जन्म के बाद भी वही कहानी या गाना जारी रखते हैं, और वह सोने के समय का प्यारा हिस्सा बन जाता है।

कुछ पीछे नहीं छूटा। बस आज है।

आज से गर्भ संस्कार कैसे शुरू करें

न क्लास चाहिए, न कोई किट, न एक घंटा। बस तीन छोटे क़दम:

  • एक समय चुनिए। सुबह की चाय, दोपहर का खाना या सोने से पहले। रोज़ एक ही समय रखेंगी, तो याद रखना आसान होगा।
  • एक गतिविधि चुनिए। कोई कहानी, श्लोक, गाना या मन को शांत करने वाला पहेली गेम। बस एक।
  • पाँच मिनट तक रखिए। थोड़ा-थोड़ा पर रोज़ — यह लंबा और थकाने वाला करने से बेहतर है।

कोई दिन छूट गया? कल फिर से शुरू कीजिए। या यह काम हम पर छोड़ दीजिए: गर्भशिक्षा आपकी गर्भावस्था के हफ़्ते के हिसाब से रोज़ कुछ छोटी-छोटी गतिविधियाँ देती है, मुफ़्त। आज की गतिविधियाँ देखिए। हर महीने के श्लोकों के लिए हमारी महीने-दर-महीने गाइड देखिए।

फिर क्या हुआ?

मीरा ने उसी हफ़्ते, 26वें हफ़्ते में, शुरू कर दिया। पहले-पहले उसे ख़ाली कमरे में पेट से कहानी पढ़कर सुनाना थोड़ा अजीब लगा।

30वें हफ़्ते तक यह उसके दिन का सबसे प्यारा हिस्सा बन गया। मीरा के जीवनसाथी भी वीकेंड पर साथ बैठने लगे, और उन्होंने एक लोरी भी चुन ली। वे उसे बड़े बेसुरे ढंग से गाते हैं, और मीरा को यही सबसे अच्छा लगता है।

अगली गोदभराई में किसी ने उससे पूछा कि उसने कब शुरू किया था। वह मुस्कुराई और बोली, "जब मैं तैयार थी, तब। वही सही समय था।"

आपका सही समय भी वही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गर्भ संस्कार किस महीने से शुरू करें? किसी भी महीने से। पहली, दूसरी या तीसरी, किसी भी तिमाही में शुरू कर सकती हैं। जब आप तैयार हों, तभी शुरू कीजिए।

क्या दूसरी तिमाही में शुरू कर सकते हैं? हाँ, और यह शुरुआत का बहुत अच्छा समय है। ज़्यादातर माँओं में ताक़त लौट आती है, और लगभग 18वें हफ़्ते से शिशु सुनने लगता है।

क्या सातवें, आठवें या नौवें महीने में शुरू करने में देर हो गई? नहीं। आख़िरी महीनों में शिशु बाहर की आवाज़ें, जैसे आपकी आवाज़, सुन सकता है। शिशु के साथ बिताया शांत समय कभी बेकार नहीं जाता।

रोज़ कितने मिनट काफ़ी हैं? पाँच शांत मिनट से बढ़िया शुरुआत होती है। लंबा करने से ज़्यादा ज़रूरी है रोज़ करना।

अगर कुछ दिन छूट जाएँ तो? बिल्कुल ठीक है। कल फिर से शुरू कीजिए। कोई नंबर नहीं गिन रहा, और कुछ पीछे नहीं छूटता।

यह भी पढ़ें

सभी लेख