परिवार के साथ गाने का मधुर भजन
मंगल भवन अमंगल हारी
रामचरितमानस, बालकांड 112 (चौपाई) · अवधी
अर्थ
जो सब मंगलों के धाम हैं, जो हर अमंगल को दूर करते हैं, और जो बचपन में दशरथ जी के आँगन में खेला करते थे — वे श्रीराम मुझ पर कृपा करें।
हमने यह श्लोक क्यों चुना
इसमें आँगन में खेलते नन्हे राम की झाँकी है। कोमल, सुरीला और घर-घर में गाया जाने वाला भजन।
इससे क्या मिल सकता है
एक आसान भजन, जिसे पूरा परिवार मिलकर गा सकता है।
- सबसे अच्छा समय
- सोते समय, या जब भी मन घबराए
- जपने का तरीका
- धीरे-धीरे साँस लेते हुए धीमे स्वर में या मन ही मन जप, 5–10 मिनट
- कौन जप सकता है
- पूरा परिवार
- सबसे सही सप्ताह
- किसी भी सप्ताह
सच कहें तोलय में धीरे-धीरे जप करने से साँस धीमी हो सकती है, और बहुत-से लोगों को इससे सुकून मिलता है (यह शोध उन वयस्कों पर हुआ है जो गर्भवती नहीं थे)।
विषय: नींद और शांत मन